Take the Men's Testtakes 2 minutes

टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण: ये 6 संकेत, कारण और जांच

  • Gupt Rog
  • Lifestyle

अपडेट

हर समय थकान, सेक्स की इच्छा कम और पेट पर चर्बी? ये टेस्टोस्टेरोन की कमी के संकेत हो सकते हैं। जानें कब जांच करानी चाहिए।

टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण: 10% बैटरी जैसी थकान और कम ऊर्जा का रूपक

टेस्टोस्टेरोन की कमी के मुख्य लक्षण हैं: सेक्स की इच्छा कम होना, इरेक्शन में दिक्कत, हर समय थकान, पेट पर चर्बी बढ़ना और मांसपेशियां घटना, हड्डियां कमज़ोर होना, और मूड में बदलाव। ये उम्र बढ़ने पर ज़्यादा दिखते हैं, पर कम उम्र में भी हो सकते हैं। पक्का पता सिर्फ खून की जांच से चलता है, इसलिए लक्षण दिखें तो डॉक्टर से मिलें।

क्या सेक्स के दौरान इरेक्शन बनाए रखने में परेशानी होती है? क्या सेक्स की इच्छा पहले से कम हो गई है? क्या हर समय थकान रहती है? अगर इनमें से किसी का जवाब हां है, तो टेस्टोस्टेरोन की कमी एक वजह हो सकती है, हालांकि इन लक्षणों की दूसरी वजहें भी होती हैं।

आपके लक्षणों की वजह क्या है, जानने के लिए 2 मिनट का फ्री Men's Test लें।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

सीधा जवाब: टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का मुख्य सेक्स हार्मोन है, जो ज़्यादातर अंडकोष में बनता है। यह सेक्स की इच्छा, मांसपेशियों, हड्डियों, ऊर्जा और मूड में अहम भूमिका निभाता है।

इसका लेवल असंतुलित होने से यौन स्वास्थ्य के अलावा थकान, मोटापा, चिंता और उदासी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। उम्र के साथ, खासकर 40 के आसपास से, कई पुरुषों में इसका लेवल धीरे-धीरे घटता है।

टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण क्या हैं?

सीधा जवाब: नीचे दिए 6 संकेत सबसे आम हैं। एक-दो लक्षण अकेले कुछ साबित नहीं करते, पर कई लक्षण साथ हों तो जांच करानी चाहिए।

1. सेक्स ड्राइव में कमी (Low sex drive)

खाली फ्यूल गेज: टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण में सेक्स ड्राइव और ऊर्जा की कमी

सेक्स की इच्छा बनाए रखने में टेस्टोस्टेरोन की बड़ी भूमिका है। इसका लेवल कम होने से सेक्स करने की इच्छा घटने लगती है। उम्र के साथ इच्छा में कमी पर विस्तार से पढ़ें: बढ़ती उम्र में सेक्स ड्राइव कम होना।

2. ऊर्जा में कमी और थकान

लेवल कम होने से पुरुषों को अक्सर हर समय थकान रहती है, उत्साह कम हो जाता है और रोज़ के कामों में मन नहीं लगता। अच्छी नींद के बाद भी ताज़गी महसूस न होना एक संकेत हो सकता है।

3. इरेक्शन प्रॉब्लम

टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण में इरेक्शन प्रॉब्लम: पिचका गुब्बारा रूपक

इरेक्शन मुख्य रूप से खून के बहाव पर निर्भर करता है, पर टेस्टोस्टेरोन भी इसमें भूमिका निभाता है, खासकर इच्छा और सुबह के इरेक्शन में। शोधों में कम टेस्टोस्टेरोन का संबंध नसों की खराब सेहत (जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस) से भी देखा गया है। पर ज़्यादातर ED की वजह खून की नसें, शुगर या BP होती है, इसलिए पूरी जांच ज़रूरी है। पढ़ें: लिंग में तनाव की कमी: कारण और इलाज, और उम्र के साथ इरेक्शन प्रॉब्लम।

4. मोटापा और मांसपेशियों में कमी

टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियां बनाए रखने और चर्बी को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसकी कमी से मांसपेशियां घटने लगती हैं और पेट के आसपास चर्बी बढ़ती है। उल्टा भी सच है: पेट की चर्बी खुद टेस्टोस्टेरोन घटा सकती है।

5. हड्डियों के घनत्व में कमी

टेस्टोस्टेरोन हड्डियों की मज़बूती बनाए रखने में मदद करता है। लंबे समय तक कमी रहने से हड्डियां कमज़ोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है।

6. लिंग के ऊतकों में बदलाव (फाइब्रोसिस)

सूखा मुरझाया फूल: टेस्टोस्टेरोन की कमी और लिंग की कमजोरी का रूपक

एक शोध के अनुसार उम्र ढलने के साथ टेस्टोस्टेरोन की कमी का संबंध लिंग के अंदर फाइब्रोसिस (penile fibrosis) से देखा गया है। यह सीधा कारण साबित नहीं हुआ है, सिर्फ एक संबंध देखा गया है। ध्यान रखें: पेरोनी रोग (Peyronie's disease) में लिंग के अंदर स्कार टिश्यू या प्लाक बनता है, जिससे इरेक्शन में टेढ़ापन और दर्द हो सकता है; यह टेस्टोस्टेरोन की कमी का लक्षण नहीं माना जाता, इसकी अलग वजहें होती हैं। लिंग में नया टेढ़ापन, गांठ या दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएं।

दूसरे संकेत

  • चिड़चिड़ापन, उदासी, ध्यान न लगना
  • शरीर और चेहरे के बाल कम होना
  • स्तनों में सूजन या दर्द (gynecomastia)
  • अंडकोष का आकार घटना
  • बच्चा होने में दिक्कत

टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण क्या हैं?

सीधा जवाब: उम्र सबसे आम वजह है, पर मोटापा, डायबिटीज, नींद की कमी, कुछ दवाएं और अंडकोष या दिमाग की ग्रंथि (पिट्यूटरी) की समस्याएं भी वजह बनती हैं।

  • उम्र: 40 के बाद धीरे-धीरे गिरावट।
  • मोटापा और पेट की चर्बी।
  • बीमारियां: डायबिटीज, थायराइड, किडनी और लिवर की बीमारी।
  • नींद: कम नींद और स्लीप एपनिया (नींद में सांस रुकना)।
  • आदतें: ज़्यादा शराब, धूम्रपान, नशा।
  • दवाएं और स्टेरॉयड: जिम में बिना डॉक्टर के लिए गए एनाबॉलिक स्टेरॉयड और कुछ दर्द की दवाएं शरीर का अपना टेस्टोस्टेरोन बनना कम कर सकती हैं।
  • अंडकोष की समस्या: चोट, संक्रमण (जैसे मम्प्स), या जन्म से जुड़ी स्थितियां (primary hypogonadism)।
  • पिट्यूटरी या दिमाग की ग्रंथि की समस्या (secondary hypogonadism)।

टेस्टोस्टेरोन लेवल की जांच कैसे होती है?

सीधा जवाब: खून की जांच से। टेस्टोस्टेरोन सुबह सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए डॉक्टर आमतौर पर सुबह खाली पेट सैंपल लेने को कहते हैं, और कम आए तो दोबारा जांच कराते हैं।

ज़रूरत के हिसाब से डॉक्टर LH, FSH, प्रोलैक्टिन, थायराइड और शुगर जैसी जांचें भी करा सकते हैं, ताकि कमी की असली वजह पता चले। सिर्फ एक रिपोर्ट या सिर्फ लक्षणों से इलाज तय नहीं होता। लक्षण और जांच दोनों मिलकर तस्वीर साफ करते हैं। जांच के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए Mayo Clinic: Male hypogonadism देखें।

पहला कदम: फ्री Men's Test लें, जो आपके लक्षणों के आधार पर बताता है कि डॉक्टर से जांच की ज़रूरत है या नहीं।

टेस्टोस्टेरोन की कमी हो तो क्या करें?

डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन लिखता हुआ: टेस्टोस्टेरोन की जांच और इलाज

सीधा जवाब: पहले वजह की जांच, फिर जीवनशैली में सुधार। दवा या हार्मोन थेरेपी सिर्फ डॉक्टर की सलाह, जांच और निगरानी के साथ।

अगर ऊपर बताए लक्षण हैं, तो डॉक्टर से मिलकर लेवल की जांच कराएं। नीम-हकीमों, बिना जांचे हर्बल उपचारों और जिम में मिलने वाले "टेस्टोस्टेरोन बूस्टर" से बचें। अश्वगंधा जैसी चीज़ों पर कुछ छोटे अध्ययन हैं, पर सबूत सीमित हैं और market products में मिलावट हो सकती है, इसलिए डॉक्टर से पूछकर ही लें। पूरी जानकारी यहां: टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के सुरक्षित तरीके।

राज़ MD सप्लीमेंट रेंज: डॉक्टर की सलाह पर ही कोई भी सप्लीमेंट

नियमित व्यायाम

योगासन करता पुरुष: व्यायाम से टेस्टोस्टेरोन को सहारा

तेज़ चलना और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, जैसे पुश-अप और उठक-बैठक, टेस्टोस्टेरोन को सहारा देते हैं।

स्वस्थ वज़न

पेट के आसपास की अतिरिक्त चर्बी एस्ट्रोजेन बढ़ाकर टेस्टोस्टेरोन घटा सकती है। वज़न कम करना सबसे असरदार कदमों में से एक है।

संतुलित आहार

संतुलित आहार सब्ज़ियां, मछली, नट्स: टेस्टोस्टेरोन के लिए डाइट

ज़्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड से बचें, इनसे इंसुलिन प्रतिरोध और मोटापा होता है। खाने के बारे में और पढ़ें: इरेक्शन के लिए डाइट।

हार्मोन थेरेपी (टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन या जेल)

टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन सिर्फ डॉक्टर की निगरानी और जांच के साथ

यह सिर्फ उन पुरुषों के लिए सोची जाती है जिनमें जांच से साफ कमी साबित हो और लक्षण भी हों। इसे हमेशा डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच के साथ ही लें। खुद से लेने पर प्रजनन क्षमता घटना, खून गाढ़ा होना और हार्मोन असंतुलन जैसे खतरे हो सकते हैं। जो पुरुष बच्चे की योजना बना रहे हैं, उन्हें डॉक्टर से यह बात ज़रूर बतानी चाहिए।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • ऊपर बताए कई लक्षण एक साथ हैं
  • सेक्स की इच्छा या इरेक्शन में लगातार कमी है
  • अंडकोष में दर्द, सूजन या आकार में बदलाव है
  • स्तनों में सूजन है
  • आपने पहले जिम में स्टेरॉयड या "बूस्टर" लिए हैं

निष्कर्ष

बढ़ती उम्र या दूसरी वजहों से टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है, जिससे सेक्स की इच्छा में कमी, इरेक्शन की दिक्कत, थकान और मोटापा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पर ये लक्षण दूसरी वजहों से भी होते हैं, इसलिए जांच से ही पक्का पता चलता है। जीवनशैली में बदलाव और डॉक्टर की सलाह से इसे संभाला जा सकता है। सही कारण पहचानकर इलाज संभव है; नतीजे कारण और व्यक्ति पर निर्भर करते हैं।

शुरुआत कैसे करें? 2 मिनट का फ्री Men's Test लें: यह आपकी समस्या और उसकी संभावित वजह पहचानने में मदद करता है। इसके बाद Raaz के डॉक्टर आपसे बात करके आगे की जांच और इलाज तय करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

टेस्टोस्टेरोन की कमी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, सेक्स की इच्छा में कमी, चिड़चिड़ापन, उदासी और सुबह का इरेक्शन कम होना शामिल हैं। कई पुरुष इन्हें सिर्फ काम का तनाव समझकर टाल देते हैं। अगर दो-तीन लक्षण कुछ हफ्तों तक साथ दिखें, तो डॉक्टर से मिलें और खून की जांच कराएं, क्योंकि इन लक्षणों की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।

टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण क्या हो सकते हैं?

उम्र बढ़ना सबसे आम कारण है, पर मोटापा, डायबिटीज, थायराइड, नींद की कमी, स्लीप एपनिया, ज़्यादा शराब और बिना डॉक्टर के लिए गए स्टेरॉयड भी लेवल घटा सकते हैं। अंडकोष या पिट्यूटरी ग्रंथि की समस्या भी वजह हो सकती है। सही कारण जानने के लिए खून की जांच और डॉक्टर से बात ज़रूरी है।

टेस्टोस्टेरोन लेवल की जांच कैसे करवाएं?

यह खून की जांच से पता चलता है। टेस्टोस्टेरोन सुबह सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए आमतौर पर सुबह खाली पेट सैंपल दिया जाता है, और कम आने पर डॉक्टर दोबारा जांच कराते हैं। ज़रूरत हो तो LH, FSH और थायराइड की जांच भी होती है। Raaz का फ्री Men's Test लक्षणों के आधार पर बताता है कि जांच की ज़रूरत है या नहीं।

क्या टेस्टोस्टेरोन की कमी बिना दवा के ठीक हो सकती है?

हल्की कमी में, खासकर जब वजह मोटापा, खराब नींद या शराब हो, वज़न घटाने, एक्सरसाइज़, अच्छी नींद और शराब कम करने से लेवल में सुधार हो सकता है। अगर जांच में कमी ज़्यादा हो, तो डॉक्टर वजह के हिसाब से इलाज तय करते हैं। हार्मोन इंजेक्शन, सप्लीमेंट या हर्बल products खुद से न लें।

ये भी पढ़ें

हमसे बात करें

अपनी सेहत या प्लान के बारे में सवाल हैं? Raaz केयर टीम से निजी तौर पर बात करें।

Take the Men's Test