
उम्र बढ़ने के साथ सेक्स की इच्छा (libido) में कुछ कमी आना आम है। इसकी वजहें अक्सर टेस्टोस्टेरोन का धीरे-धीरे घटना, तनाव, नींद की कमी, थकान, डिप्रेशन, कुछ दवाएं और रिश्ते की दूरी होती हैं। अगर इच्छा अचानक या बहुत ज़्यादा घटी है, तो यह "सिर्फ उम्र" नहीं भी हो सकती, और इसकी जांच होनी चाहिए।
यह लेख सेक्स की इच्छा पर है। अगर इच्छा ठीक है पर लिंग खड़ा होने या टिकने में दिक्कत है, तो लिंग में तनाव किस उम्र तक होता है वाला लेख पढ़ें। दोनों साथ भी हो सकते हैं, पर कारण और इलाज अलग हो सकते हैं।
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उम्र के साथ सेक्स ड्राइव कम क्यों होती है?

सीधा जवाब: सबसे बड़ी शारीरिक वजह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का धीरे-धीरे कम होना है, जो सेक्स की इच्छा के लिए अहम है। पर मन, नींद, दवाएं और रिश्ता भी उतनी ही बड़ी भूमिका निभाते हैं।
- हार्मोन: 40 की उम्र के आसपास से कई पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन धीरे-धीरे घटने लगता है। मोटापा और खराब नींद इसे और कम कर सकते हैं।
- मन: तनाव, चिंता और डिप्रेशन इच्छा को सबसे तेज़ी से घटाते हैं।
- थकान और नींद: लगातार कम नींद और स्लीप एपनिया (नींद में सांस रुकना) हार्मोन पर असर डालते हैं।
- दवाएं: कुछ डिप्रेशन की दवाएं (SSRIs), BP की दवाएं और प्रोस्टेट की दवाएं इच्छा कम कर सकती हैं। इन्हें खुद से बंद न करें, डॉक्टर से बात करें।
- बीमारियां: डायबिटीज, थायराइड, किडनी या लिवर की बीमारी।
- रिश्ता: बातचीत की कमी, झगड़े या रूटीन से ऊब।
- शराब: ज़्यादा शराब टेस्टोस्टेरोन और इच्छा दोनों घटाती है।
40, 50 और 60 की उम्र में सेक्स ड्राइव में क्या बदलता है?
सीधा जवाब: बदलाव धीरे-धीरे होता है और हर व्यक्ति में अलग। बहुत से पुरुष 60 और 70 के बाद भी सेक्स में रुचि रखते हैं।
40 की उम्र
काम और परिवार का दबाव सबसे ज़्यादा होता है। इस उम्र में इच्छा में कमी अक्सर तनाव, थकान और नींद से जुड़ी होती है। पेट की चर्बी बढ़ना भी टेस्टोस्टेरोन घटा सकता है।
50 की उम्र
शुगर, BP और थायराइड जैसी बीमारियां और उनकी दवाएं आम हो जाती हैं। इच्छा में कमी के साथ इरेक्शन में बदलाव भी दिख सकता है। यह जांच कराने का अच्छा समय है।
60 की उम्र और उसके बाद (60 ki umar me sex power)
इस उम्र में इच्छा कम हो सकती है, पर नज़दीकी और छूने की ज़रूरत बनी रहती है। सेहत ठीक हो, तो इस उम्र में भी संतोषजनक सेक्स लाइफ संभव है। धीमी गति, ज़्यादा फोरप्ले और पार्टनर से खुली बात मदद करती है।
कैसे पहचानें कि यह सामान्य है या समस्या?
सीधा जवाब: अगर इच्छा धीरे-धीरे थोड़ी कम हुई है और आपको या पार्टनर को परेशानी नहीं है, तो यह अक्सर सामान्य है। अगर इच्छा अचानक गिरी है, या साथ में दूसरे लक्षण हैं, तो जांच कराएं।
कब यह सिर्फ उम्र नहीं, टेस्टोस्टेरोन की कमी हो सकती है?
- इच्छा बहुत कम और लगातार कम है
- हर समय थकान, ऊर्जा की कमी
- उदासी, चिड़चिड़ापन, ध्यान न लगना
- मांसपेशियां घटना और पेट की चर्बी बढ़ना
- सुबह का इरेक्शन कम होना
इनमें से कई लक्षण हों, तो डॉक्टर खून की जांच (आमतौर पर सुबह का टेस्टोस्टेरोन) करा सकते हैं। पूरी लिस्ट यहां देखें: लो टेस्टोस्टेरोन के संकेत।
कामेच्छा (libido) बढ़ाने के उपाय
सीधा जवाब: नींद, एक्सरसाइज़, वज़न कंट्रोल, अच्छा खाना, तनाव कम करना और पार्टनर से बात, ये सबसे असरदार पहले कदम हैं।
खानपान में बदलाव
पोषक तत्वों से भरपूर भोजन: फल, सब्ज़ियां, दालें, प्रोटीन और साबुत अनाज को थाली का हिस्सा बनाएं।
ओमेगा-3: रावस (salmon), बांगड़ा (mackerel), रोहू, सुरमई जैसी मछलियां, और अलसी, चिया के बीज और अखरोट ओमेगा-3 के अच्छे स्रोत हैं। ये दिल और खून के बहाव के लिए अच्छे हैं।
जिंक वाले खाद्य पदार्थ: जिंक टेस्टोस्टेरोन बनने में मदद करता है। कद्दू के बीज, बादाम, काजू, छोले, दालें, अंडे और चिकन इसके स्रोत हैं।

प्रोसेस्ड फूड और चीनी कम करें: इनसे वज़न और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, जो हार्मोन और इच्छा पर असर डालते हैं।
जीवनशैली में बदलाव
नियमित व्यायाम: तेज़ चलना, हल्की दौड़ और वज़न वाली एक्सरसाइज़ से खून का बहाव, मूड और टेस्टोस्टेरोन सुधर सकते हैं। ज़्यादा उम्र या दिल की बीमारी हो तो डॉक्टर से पूछकर शुरू करें।
तनाव कम करें: योग, ध्यान और गहरी सांस के अभ्यास मदद करते हैं।
पर्याप्त नींद: रोज़ 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद हार्मोन के लिए ज़रूरी है। खर्राटे और नींद में सांस रुकने की शिकायत हो तो डॉक्टर को बताएं।
शराब और धूम्रपान: इन्हें कम करें या छोड़ें। पढ़ें: शराब और सेक्स।

साथी से बात और नज़दीकी: अपनी इच्छा और चिंता के बारे में पार्टनर से खुलकर बात करें। साथ समय बिताना, छूना और नई चीज़ें आज़माना इच्छा को फिर से जगा सकता है।
स्टैमिना के लिए भी पढ़ें: सेक्स स्टैमिना बढ़ाने के 5 आसान तरीके।
क्या टेस्टोस्टेरोन थेरेपी या दवाएं ज़रूरी हैं?
सीधा जवाब: ज़्यादातर मामलों में नहीं। पहले जीवनशैली, नींद, वज़न, दवाओं और मन की वजहों को देखा जाता है।
टेस्टोस्टेरोन थेरेपी सिर्फ तभी सोची जाती है जब खून की जांच में साफ कमी हो और लक्षण भी हों, और वह भी डॉक्टर की निगरानी और नियमित जांच के साथ। इसके अपने खतरे और साइड इफेक्ट्स हैं, इसलिए इसे खुद से या जिम सप्लीमेंट की तरह कभी न लें। टेस्टोस्टेरोन सुधारने के प्राकृतिक तरीके यहां पढ़ें: टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के सुरक्षित तरीके।
अगर कम इच्छा के साथ इरेक्शन की दिक्कत भी है, तो उसका इलाज अलग से होता है। ED की दवाओं के बारे में पढ़ें: वियाग्रा टैबलेट क्या है और किसे नहीं लेनी चाहिए। ED का पूरा इलाज: लिंग में तनाव की कमी का इलाज।
नीम हकीम और बिना जांचे हर्बल उपचारों से बचें

सीधा जवाब: अश्वगंधा, शिलाजीत, सफेद मूसली जैसी चीज़ों पर कुछ छोटे अध्ययन हैं, पर सबूत सीमित हैं। ये इलाज की जगह नहीं ले सकतीं।
पहले जैसी इच्छा या परफॉर्मेंस न होने पर कई पुरुष निराश हो जाते हैं, और इसी घबराहट का फायदा कुछ नीम-हकीम उठाते हैं। उत्तरी रेलवे केंद्रीय अस्पताल, दिल्ली के पूर्व डॉक्टर डॉ. रवि गौड़ [MBBS, MS, MCh Resident (यूरोलॉजी)] बताते हैं कि बिना जांचे अश्वगंधा, शिलाजीत या सफेद मूसली जैसे products लेने से लिवर पर असर और दूसरी समस्याएं देखी गई हैं। शोध में बाज़ार के कुछ products में आर्सेनिक और लेड (सीसा) जैसे heavy metals पाए गए हैं। market products में मिलावट हो सकती है, इसलिए डॉक्टर से पूछकर ही कुछ लें।
पार्टनर से इस बारे में बात कैसे शुरू करें?
सीधा जवाब: शांत समय पर, बिना दोष दिए, और यह भरोसा दिलाते हुए कि कम इच्छा का मतलब कम प्यार नहीं है।
कई बार पार्टनर सोचते हैं कि इच्छा कम होने का मतलब है कि आप उनसे दूर हो रहे हैं। यह गलतफहमी रिश्ते में और दूरी ला सकती है। बात शुरू करने के लिए कुछ आसान तरीके:
- "मैंने नोटिस किया है कि मेरी इच्छा पहले से कम है, और मैं इसकी वजह समझना चाहता हूं।"
- साथ में टहलना, बातें करना, छूना और गले लगाना, बिना सेक्स के दबाव के।
- हफ्ते में कुछ समय सिर्फ एक-दूसरे के लिए रखें।
- अगर ज़रूरत हो, तो डॉक्टर या काउंसलर के पास साथ जाएं।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
- इच्छा अचानक या बहुत ज़्यादा कम हो गई है
- साथ में लगातार थकान, उदासी या नींद की दिक्कत है
- नई दवा शुरू करने के बाद इच्छा घटी है
- इरेक्शन में भी दिक्कत है
- इससे आपके रिश्ते या मन पर असर पड़ रहा है
कम इच्छा और दूसरे गुप्त रोगों की सभी वजहें एक जगह जानने के लिए पढ़ें: गुप्त रोग: कारण और इलाज।
निष्कर्ष
उम्र बढ़ने के साथ सेक्स की इच्छा में थोड़ी कमी स्वाभाविक है। खानपान, नींद, एक्सरसाइज़ और पार्टनर से बातचीत में छोटे बदलाव कर पुरुष हर उम्र में संतोषजनक सेक्स लाइफ रख सकते हैं। अगर कमी ज़्यादा है या अचानक है, तो वजह की जांच कराएं और नीम हकीमों से बचें।
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मेरी उम्र 44 साल है। पिछले 6 महीने से मेरी सेक्स में रूचि कम होने लगी थी जिसकी वजह से में बहुत निराश हो गया था। शिलाजीत और अन्य मर्दाना ताकत बढ़ाने वाली दवाएं खरीद कर खाया पर कुछ असर नहीं हुआ। फेसबुक से राज़ के बारे में पता चला। वहां पर Raaz के डॉक्टर से काउंसलिंग के बाद मेरी चिंता दूर हुई और उनके बताये दवाओं का असर हुआ है और मेरी टाइमिंग भी बढ़ी है।
- धर्मवीर मलिक, जींद , हरियाणा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या उम्र बढ़ने के साथ सेक्स ड्राइव कम होना सामान्य है?
हां, उम्र के साथ सेक्स की इच्छा में धीरे-धीरे थोड़ी कमी आना आम है, क्योंकि टेस्टोस्टेरोन धीरे-धीरे घटता है और जीवन में तनाव और बीमारियां बढ़ती हैं। पर अगर इच्छा अचानक या बहुत ज़्यादा घटी है, या साथ में थकान, उदासी या इरेक्शन की दिक्कत है, तो यह सिर्फ उम्र नहीं हो सकती। ऐसे में डॉक्टर से जांच कराएं।
किस उम्र में सेक्स ड्राइव कम होने लगती है?
कई पुरुषों में 40 की उम्र के आसपास से टेस्टोस्टेरोन धीरे-धीरे घटने लगता है, और 50 या 60 तक कुछ बदलाव ज़्यादा साफ दिख सकता है। पर यह हर व्यक्ति में अलग है। वज़न, नींद, तनाव, बीमारियां और दवाएं इस पर उम्र से ज़्यादा असर डाल सकती हैं। बहुत से पुरुष 60 और 70 के बाद भी सेक्स में रुचि रखते हैं।
क्या टेस्टोस्टेरोन कम होने पर दवा लेना ज़रूरी है?
हमेशा नहीं। हल्की कमी में वज़न घटाना, अच्छी नींद, एक्सरसाइज़ और शराब कम करना अक्सर मदद करते हैं। टेस्टोस्टेरोन थेरेपी सिर्फ तब सोची जाती है जब खून की जांच में साफ कमी हो और लक्षण भी हों, और वह भी डॉक्टर की निगरानी में। खुद से इंजेक्शन, जिम सप्लीमेंट या अश्वगंधा, शिलाजीत जैसे products न लें।
60 साल की उम्र में सेक्स पावर कैसे बनाए रखें?
रोज़ हल्की एक्सरसाइज़, संतुलित खाना, वज़न कंट्रोल, अच्छी नींद, तनाव कम करना और शराब व धूम्रपान से दूरी सबसे असरदार कदम हैं। शुगर, BP और दिल की बीमारी को कंट्रोल में रखें। पार्टनर से खुली बात, धीमी गति और ज़्यादा फोरप्ले मदद करते हैं। कोई दवा लेने से पहले डॉक्टर से पूछें, खासकर अगर आप दिल की दवा लेते हैं।
क्या कम सेक्स ड्राइव और इरेक्शन प्रॉब्लम एक ही चीज़ है?
नहीं। कम सेक्स ड्राइव में सेक्स की इच्छा ही कम हो जाती है, जबकि इरेक्शन प्रॉब्लम में इच्छा होने पर भी लिंग खड़ा नहीं होता या टिकता नहीं। कम इच्छा की वजह अक्सर हार्मोन, तनाव, डिप्रेशन या दवाएं होती हैं, और ED की वजह ज़्यादातर खून का बहाव। दोनों साथ हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर दोनों को अलग से देखते हैं।



