
वियाग्रा, sildenafil (सिल्डेनाफिल) दवा का ब्रांड नाम है। यह PDE5 inhibitor नाम के दवा समूह की एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जो सेक्स के समय लिंग में खून का बहाव बढ़ाकर इरेक्शन पाने और बनाए रखने में मदद करती है। यह हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है: दिल की nitrate दवा के साथ यह खतरनाक है। डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
यह लेख लिंग में तनाव की कमी (ED) की पूरी गाइड का हिस्सा है। यहां हम बताएंगे कि वियाग्रा क्या है, कैसे काम करती है, इसके साइड इफेक्ट्स क्या हैं, और किन लोगों को इसे बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।
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वियाग्रा टैबलेट क्या है? (Viagra Tablet Kya Hai)
सीधा जवाब: वियाग्रा sildenafil नाम की दवा है, जिसे डॉक्टर मुख्य रूप से इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) यानी लिंग खड़ा न होने या खड़ा न रहने की समस्या में लिखते हैं। यह प्रिस्क्रिप्शन दवा है, यानी इसे डॉक्टर की पर्ची पर ही लेना चाहिए।
पुरुषों की यौन समस्याओं के इलाज में शायद ही किसी दवा ने इतनी पहचान पाई हो। बाज़ार में sildenafil कई ब्रांड नामों से मिलती है, पर दवा एक ही है। इसी समूह की एक और दवा tadalafil है। इन दोनों में क्या फर्क है और आपके लिए कौन सी ठीक है, यह डॉक्टर तय करते हैं।
वियाग्रा कैसे काम करती है?

सीधा जवाब: sildenafil शरीर में PDE5 नाम के एंजाइम को रोकती है। इससे लिंग की नसें ढीली होकर ज़्यादा खून भर पाती हैं, और उत्तेजना होने पर इरेक्शन आसानी से आता और टिकता है।
सामान्य रूप से उत्तेजना के समय शरीर cGMP नाम का पदार्थ बनाता है, जो लिंग की नसों को खोलता है। PDE5 एंजाइम इसे तोड़ देता है। sildenafil PDE5 को रोककर cGMP को ज़्यादा देर टिकने देती है।
ध्यान रहे: वियाग्रा अपने आप उत्तेजना या इच्छा पैदा नहीं करती। यह तभी मदद करती है जब व्यक्ति यौन रूप से उत्तेजित हो। अगर समस्या सेक्स की इच्छा में कमी है, तो उसकी वजह अलग हो सकती है (जैसे कम टेस्टोस्टेरोन)। इसके लक्षण जानें: लो टेस्टोस्टेरोन के संकेत।
यह भी याद रखें कि गोली ED की वजह (डायबिटीज, BP, कोलेस्ट्रॉल, तनाव, धूम्रपान) का इलाज नहीं करती। इसलिए डॉक्टर वजह की जांच और जीवनशैली में बदलाव को भी इलाज का हिस्सा बनाते हैं।
वियाग्रा टैबलेट का उपयोग और फायदे
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज
इसका मुख्य उपयोग ED के इलाज में है। शरीर या मन, दोनों तरह की वजहों से होने वाली इरेक्शन की परेशानी में डॉक्टर इसे लिख सकते हैं। बहुत से पुरुषों में इससे सेक्स लाइफ और आत्मविश्वास में सुधार देखा गया है।
जीवन की गुणवत्ता में सुधार
जब इरेक्शन की परेशानी कम होती है, तो घबराहट घटती है और रिश्ते पर भी अच्छा असर पड़ता है। कुछ मामलों में डॉक्टर इसे डिप्रेशन की दवाओं (SSRIs) से होने वाली इरेक्शन की समस्या में भी इस्तेमाल करते हैं।
पल्मोनरी आर्टरी हाइपरटेंशन (PAH)
sildenafil का उपयोग PAH नाम की बीमारी में भी होता है, जिसमें फेफड़ों की खून की नसों में दबाव बढ़ जाता है। दवा इन नसों को ढीला करके दिल का काम आसान करती है। यह इलाज पूरी तरह विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में होता है।
किन लोगों को वियाग्रा नहीं लेनी चाहिए?
सीधा जवाब: जो लोग दिल के सीने के दर्द (angina) के लिए nitrate दवाएं लेते हैं, उन्हें वियाग्रा या कोई भी PDE5 दवा कभी नहीं लेनी चाहिए। दोनों साथ लेने से BP अचानक और खतरनाक रूप से गिर सकता है।
- Nitrates: जैसे नाइट्रोग्लिसरीन (जीभ के नीचे रखने वाली गोली या स्प्रे) या दूसरी nitrate दवाएं। "पॉपर्स" नाम के नशे में भी nitrate होता है।
- दिल की बीमारी: हाल में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अस्थिर angina, या जिनके लिए डॉक्टर ने सेक्स जैसी मेहनत से मना किया हो। ऐसे में पहले दिल की जांच ज़रूरी है।
- Low BP या बिना कंट्रोल का हाई BP।
- कुछ दूसरी दवाएं: alpha-blockers (प्रोस्टेट या BP की कुछ दवाएं), कुछ एंटीफंगल, एंटीबायोटिक और HIV की दवाएं। अपनी सारी दवाएं डॉक्टर को बताएं।
- लिवर या किडनी की गंभीर बीमारी, और आंखों की कुछ बीमारियां (जैसे retinitis pigmentosa)।
अगर आपको BP है तो यह भी पढ़ें: ब्लड प्रेशर और इरेक्शन प्रॉब्लम।
वियाग्रा के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?
सीधा जवाब: आम साइड इफेक्ट्स हल्के होते हैं, जैसे सिरदर्द, चेहरा लाल होना, नाक बंद होना, अपच और चक्कर आना। कुछ गंभीर लक्षणों में फौरन मदद लेनी चाहिए।
आम साइड इफेक्ट्स
- सिरदर्द
- चेहरे पर गर्मी या लाली
- नाक बंद होना
- अपच या एसिडिटी
- चक्कर आना, रंग पहचानने में हल्का बदलाव या धुंधला दिखना
इन हालात में फौरन डॉक्टर या इमरजेंसी में जाएं
- सीने में दर्द, सांस फूलना या बेहोशी जैसा लगना
- इरेक्शन 4 घंटे से ज़्यादा बना रहे और दर्द हो (priapism), इससे लिंग को स्थायी नुकसान हो सकता है
- अचानक एक या दोनों आंखों से दिखना कम हो जाए
- अचानक सुनने में कमी या कान में आवाज़
दवा की पूरी सुरक्षा जानकारी अमेरिकी FDA के sildenafil लेबल में दी गई है।
वियाग्रा का संक्षिप्त इतिहास
sildenafil को 1980 और 1990 के दशक में फाइज़र (Pfizer) के वैज्ञानिकों ने दिल की बीमारी angina के इलाज के लिए विकसित करना शुरू किया था। परीक्षणों के दौरान पाया गया कि यह इरेक्शन में मदद करती है। इसके बाद 1998 में अमेरिकी FDA ने इसे ED के इलाज के लिए मंज़ूरी दी।
क्या महिलाएं वियाग्रा ले सकती हैं?
सीधा जवाब: नहीं, वियाग्रा पुरुषों में ED के इलाज के लिए मंज़ूर है। महिलाओं में सेक्स की इच्छा की कमी के लिए यह इलाज नहीं है।
महिलाओं की यौन समस्याओं की वजहें अलग होती हैं, जैसे हार्मोन, दर्द, तनाव या रिश्ते की दिक्कत। इसके लिए अलग से डॉक्टर से सलाह लें। PAH जैसी बीमारी में sildenafil महिलाओं को भी दी जा सकती है, पर वह पूरी तरह अलग इलाज है।
क्या वियाग्रा ही एकमात्र इलाज है?
सीधा जवाब: नहीं। ED का इलाज उसकी वजह पर निर्भर करता है, और गोली उसका सिर्फ एक हिस्सा हो सकती है।
- दूसरी PDE5 दवाएं: tadalafil भी इसी समूह की दवा है और इसका असर ज़्यादा देर रहता है। कौन सी दवा आपके लिए ठीक है, यह डॉक्टर आपकी सेहत देखकर तय करते हैं।
- असली वजह का इलाज: शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल और हार्मोन को कंट्रोल करना।
- जीवनशैली: अच्छी डाइट (लिंग खड़े होने के लिए क्या खाना चाहिए), एक्सरसाइज़, धूम्रपान और शराब छोड़ना।
- काउंसलिंग: अगर वजह घबराहट या रिश्ते की दिक्कत है।
- बेडरूम में छोटे बदलाव: जैसे इरेक्शन प्रॉब्लम में मददगार सेक्स पोज़िशन्स।
वियाग्रा से जुड़े आम मिथक
सीधा जवाब: वियाग्रा के बारे में बहुत सी गलत बातें फैली हैं। सही जानकारी सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।
- मिथक: यह सेक्स की इच्छा बढ़ाती है। सच: यह इच्छा नहीं बढ़ाती, सिर्फ उत्तेजना होने पर इरेक्शन में मदद करती है।
- मिथक: यह सबके लिए सुरक्षित है। सच: nitrate दवा लेने वालों और कुछ दिल के मरीजों के लिए यह खतरनाक है।
- मिथक: ज़्यादा लेने से ज़्यादा असर होगा। सच: खुद से मात्रा बढ़ाने से साइड इफेक्ट्स और खतरा बढ़ता है, असर नहीं। मात्रा सिर्फ डॉक्टर तय करते हैं।
- मिथक: इससे ED हमेशा के लिए ठीक हो जाता है। सच: यह वजह का इलाज नहीं करती। शुगर, BP, हार्मोन या तनाव जैसी वजह का इलाज अलग से ज़रूरी है।
- मिथक: शराब के साथ लेने से ज़्यादा मज़ा आता है। सच: शराब इरेक्शन कमज़ोर करती है, और दोनों साथ लेने से चक्कर और BP गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
- मिथक: यह शीघ्रपतन का इलाज है। सच: यह इरेक्शन की दवा है। शीघ्रपतन का इलाज अलग होता है, पढ़ें: शीघ्रपतन का इलाज।
बिना जांचे हर्बल उपचार (अश्वगंधा, सफेद मूसली, शिलाजीत)

सीधा जवाब: इन पर कुछ छोटे अध्ययन हैं, पर सबूत सीमित हैं। ये ED का इलाज नहीं हैं, और बाज़ार के products में मिलावट हो सकती है।
उत्तरी रेलवे केंद्रीय अस्पताल, दिल्ली के पूर्व डॉक्टर डॉ. रवि गौड़ [MBBS, MS, MCh Resident (यूरोलॉजी)] बताते हैं कि बिना जांचे अश्वगंधा, शिलाजीत या सफेद मूसली जैसे products लेने से लिवर पर असर और दूसरी समस्याएं देखी गई हैं। शोध में बाज़ार के कुछ आयुर्वेदिक products में आर्सेनिक और लेड (सीसा) जैसे heavy metals पाए गए हैं।

राजगिरि अस्पताल, कोच्चि (केरल) के हेपटोलॉजिस्ट (लिवर डॉक्टर) डॉ. सायरिक एबी फिलिप्स कहते हैं कि इरेक्शन के इलाज का दावा करने वाली कई आयुर्वेदिक दवाइयों के काम करने का ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
कुछ "हर्बल" या "देसी ताकत" वाली गोलियों में छुपाकर sildenafil जैसी दवा भी मिलाई जाती है, जो nitrate लेने वालों के लिए खतरनाक हो सकती है। कोई भी ऐसा product डॉक्टर से पूछकर ही लें।
निष्कर्ष
वियाग्रा (sildenafil) ने ED के इलाज में बड़ा बदलाव लाया है और बहुत से पुरुषों की मदद की है। पर यह हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। nitrate दवा लेने वाले इसे कभी न लें, और दिल की बीमारी या low BP में डॉक्टर की जांच के बिना न लें। सही दवा, उसकी मात्रा और लेने का तरीका सिर्फ डॉक्टर ही तय कर सकते हैं।
Raaz पर MBBS, MD डॉक्टरों से फ़ोन पर मुफ़्त परामर्श मिलता है। डॉक्टर आपकी सेहत, दूसरी दवाएं और ED की वजह देखकर तय करते हैं कि आपके लिए कौन सा इलाज ठीक है, और दवा गुप्त रूप से घर पर डिलीवर होती है। ED और दूसरे गुप्त रोगों के सभी कारण जानने के लिए पढ़ें: गुप्त रोग: कारण और इलाज।
शुरुआत कैसे करें? 2 मिनट का फ्री Men's Test लें: यह आपकी समस्या और उसकी संभावित वजह पहचानने में मदद करता है। इसके बाद डॉक्टर आपसे बात करके आगे का इलाज तय करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या वियाग्रा बिना डॉक्टर की पर्ची के ले सकते हैं?
नहीं। वियाग्रा (sildenafil) प्रिस्क्रिप्शन दवा है और डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। nitrate दवा, दिल की बीमारी, low BP या कुछ दूसरी दवाओं के साथ यह खतरनाक हो सकती है। डॉक्टर आपकी सेहत और दवाओं की जांच करके ही तय करते हैं कि यह आपके लिए सुरक्षित है या नहीं, और इसे कैसे लेना है।
क्या वियाग्रा अपने आप इरेक्शन ला देती है?
नहीं। वियाग्रा अपने आप उत्तेजना या सेक्स की इच्छा पैदा नहीं करती। यह लिंग में खून का बहाव बेहतर करती है, इसलिए यौन उत्तेजना होने पर ही इरेक्शन आने और टिकने में मदद करती है। अगर इच्छा ही कम है, तो वजह कुछ और हो सकती है, जैसे हार्मोन, तनाव या डिप्रेशन। इसके लिए डॉक्टर से बात करें।
दिल के मरीज वियाग्रा ले सकते हैं या नहीं?
जो लोग सीने के दर्द (angina) के लिए nitrate दवा लेते हैं, उन्हें वियाग्रा कभी नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि BP खतरनाक रूप से गिर सकता है। दूसरे दिल के मरीजों में भी डॉक्टर पहले जांचते हैं कि सेक्स और दवा सुरक्षित है या नहीं। हाल में हार्ट अटैक या स्ट्रोक हुआ हो तो खुद से बिल्कुल न लें।
क्या महिलाएं वियाग्रा ले सकती हैं?
वियाग्रा पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज के लिए मंज़ूर है। महिलाओं में सेक्स की इच्छा की कमी के लिए यह इलाज नहीं है, क्योंकि उसकी वजहें अलग होती हैं, जैसे हार्मोन, दर्द या तनाव। PAH जैसी फेफड़ों की बीमारी में sildenafil अलग इलाज के रूप में दी जाती है। महिलाएं अपनी समस्या के लिए अलग से डॉक्टर से सलाह लें।
वियाग्रा के कौन से साइड इफेक्ट्स में फौरन डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
सीने में दर्द, सांस फूलना, बेहोशी जैसा लगना, अचानक आंखों से दिखना या कान से सुनना कम हो जाना, या इरेक्शन 4 घंटे से ज़्यादा बना रहना, इनमें से कुछ भी हो तो फौरन डॉक्टर या इमरजेंसी में जाएं। सिरदर्द, चेहरा लाल होना और नाक बंद होना जैसे हल्के असर आम हैं, पर परेशान करें तो डॉक्टर को बताएं।



