
हां, रोज़ गुटखा या तम्बाकू चबाने से सेक्स लाइफ पर असर पड़ सकता है। इसमें मौजूद निकोटीन खून की नलियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे लिंग तक खून का बहाव घटता है और इरेक्शन कमज़ोर हो सकता है। तम्बाकू स्पर्म की क्वालिटी भी घटा सकता है। गुटखा छोड़ने और सही इलाज से कई पुरुषों में सुधार होता है।
गुटखा गुप्त रोग के कई कारणों में से एक है। बाकी कारण यहां पढ़ें: गुप्त रोग के सभी कारण और इलाज।
अपनी समस्या और उसकी वजह जानें: 2 मिनट का फ्री Men's Test लें। यह टेस्ट आपकी समस्या और उसकी संभावित वजह समझने में मदद करता है, फिर Raaz के डॉक्टर आपसे बात करके आगे का प्लान तय करते हैं।
गुटखा और तम्बाकू में क्या होता है जो नुकसान करता है?
गुटखे में तम्बाकू, सुपारी, कत्था, चूना और खुशबू वाले केमिकल होते हैं। तम्बाकू का निकोटीन नलियों और दिल पर असर डालता है, जबकि तम्बाकू और सुपारी के केमिकल मुंह के कैंसर का बड़ा कारण हैं। पान मसाला, खैनी और ज़र्दा भी इसी श्रेणी में आते हैं।
गुटखा खाने से इरेक्शन पर क्या असर पड़ता है?

लिंग सख्त होने के लिए ज़रूरी है कि उसकी धमनियों में खून तेज़ी से भरे। बीड़ी-सिगरेट की तरह गुटखे का निकोटीन भी नलियों को सिकोड़ता है और समय के साथ उनकी अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है।
इससे सेक्स के दौरान लिंग में तनाव कम लग सकता है या इरेक्शन आने में दिक्कत हो सकती है। यह असर जवान और बूढ़े दोनों में दिख सकता है। ED के बाकी कारण और इलाज: लिंग में तनाव की कमी का पूरा इलाज।
क्या गुटखे से नपुंसकता (नामर्दी) और बच्चा न होने का खतरा है?
तम्बाकू स्पर्म के DNA को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे स्पर्म की संख्या और गतिशीलता घट सकती है और गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है। साथ ही अगर इरेक्शन की दिक्कत है, तो दंपति के लिए बच्चा प्लान करना और मुश्किल हो जाता है।
अच्छी बात यह है कि तम्बाकू छोड़ने के बाद स्पर्म धीरे-धीरे नए बनते हैं, इसलिए छोड़ने का फायदा मिलता है।
गुटखा खाने के शरीर पर अन्य नुकसान
- मुंह, गले और जीभ का कैंसर
- मुंह का कम खुलना (सबम्यूकस फाइब्रोसिस), मुंह में सफेद या लाल धब्बे
- दांत और मसूड़ों की बीमारी
- दिल की बीमारी और BP बढ़ने का खतरा
गुटखे से सेक्स पर असर के संकेत कैसे पहचानें?
- इरेक्शन पहले जितना सख्त न होना या जल्दी ढीला पड़ना
- सुबह का इरेक्शन कम होना
- जल्दी थकना और स्टैमिना कम होना
- मुंह में छाले, धब्बे या मुंह कम खुलना (इन्हें डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं)
नीम-हकीम ख़तरा-ए-जान: नकली इलाज से बचें

बिना डिग्री वाले कई वैद्य-हकीम हर्बल दवाओं से नामर्दी का इलाज करने का दावा करते हैं। ऐसी बिना जांची-परखी दवाओं में लेड जैसी भारी धातुएं या छुपी हुई एलोपैथिक दवा हो सकती है, जो लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है।
ऐसे लोगों पर पुलिस भी कार्रवाई कर रही है, जैसे बिहार के पश्चिम चंपारण में। इस गलती से बचें और क्वालिफाइड डॉक्टर से बात करें।
गुटखा छोड़ने के आसान तरीके
- एक तारीख तय करें और घर वालों को बताएं।
- घर, जेब और गाड़ी से गुटखा हटा दें।
- तलब के समय मुंह में कुछ और रखें: सौंफ, इलायची या शुगर-फ्री गम।
- ट्रिगर पहचानें: चाय, खाने के बाद या तनाव में, उस समय कोई और आदत रखें।
- मदद लें: डॉक्टर से निकोटीन रिप्लेसमेंट या दूसरे विकल्पों पर बात करें, या राष्ट्रीय तम्बाकू छोड़ो हेल्पलाइन 1800-11-2356 पर कॉल करें।
गुटखा छोड़ने के बाद शरीर में कब सुधार दिखता है?
कोई तय समय नहीं है। कुछ हफ्तों में मुंह और सांस में फर्क दिखने लगता है। नलियों और इरेक्शन में सुधार धीरे-धीरे आता है, कई पुरुषों में कुछ महीनों में। स्पर्म बनने का एक चक्र करीब ढाई से तीन महीने का होता है, इसलिए फर्टिलिटी पर असर देखने में इतना समय लग सकता है।
अगर साथ में शुगर, BP या तनाव है, तो उनका इलाज भी ज़रूरी है। गुप्त रोग के बाकी छिपे कारण यहां देखें: गुप्त रोग के कारण।
गुप्त रोगों का निःसंकोच इलाज

अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ अपने यौन जीवन पर भी ध्यान दें। अगर आपको लिंग में तनाव की कमी महसूस हो रही है या बच्चा होने में दिक्कत है, तो नीम-हकीमों के झांसे में न पड़ें। Raaz पर MBBS डॉक्टर फोन पर आपकी बात सुनकर वजह समझते हैं और इलाज का प्लान बनाते हैं।
हमेशा विज्ञान से प्रमाणित दवाएं ही, और डॉक्टर की सलाह से ही लें। पढ़ें: वियाग्रा टैबलेट क्या है और किसके लिए सुरक्षित है।
शुरुआत कैसे करें? हमारा 2 मिनट का फ्री Men's Test लें। यह AI-powered टेस्ट आपकी समस्या, उसकी गंभीरता और संभावित कारण पहचानने में मदद करता है और आपके लिए 20 दिन का एक ट्रीटमेंट प्लान तैयार करता है। इसके बाद हमारे डॉक्टर आपसे बात करके इस प्लान को आपकी ज़रूरत के हिसाब से customize करते हैं और दवा सीधे आपके घर भेजी जाती है। आपका पर्सनल हेल्थ कोच पूरे सफ़र में आपकी प्रोग्रेस ट्रैक करता है।
"कई सालों से शीघ्रपतन की शिकायत थी। बिस्तर में टिक नहीं पाने की वजह से शर्म से घुटा जा रहा था। काफी भटका, हकीमों को दिखाया पर इतने पैसे खर्च करने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। राज़ की दवा से 1 हफ्ते में ही असर दिखना शुरू हो गया। जितना शुक्रिया अदा करूँ कम है।"
- सैय्यद साक़िब, अलीगढ़ (युपी)
"लिंग में तनाव को बनाये रखने में काफी दिक्कत होती थी। सड़क पर से एक दवा खरीद कर खाने से किडनी में भी काफी प्रोब्लेम हो गयी और कोई फ़ायदा नहीं हुआ। सोशल मीडिआ से राज़ का पता चला और फिर यहां Raaz के डॉक्टर से बात हुई। 2 महीने के कोर्स से ही परेशानी ठीक हो गयी और इससे कॉन्फिडेंस बहुत बढ़ा है।"
- राजकिशोर यादव, मोतिहारी (बिहार)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या गुटखा खाने से नामर्दी हो सकती है?
लगातार गुटखा खाने से निकोटीन खून की नलियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे लिंग तक खून का बहाव घट सकता है। समय के साथ इससे इरेक्शन की समस्या हो सकती है। यह हर किसी में नहीं होता, पर खतरा बढ़ता है। गुटखा छोड़ने और सही इलाज से कई पुरुषों में सुधार होता है।
गुटखा खाने से शरीर में क्या-क्या नुकसान होते हैं?
गुटखे का तम्बाकू और सुपारी मुंह, गले और जीभ के कैंसर का बड़ा कारण हैं। इससे मुंह कम खुलना, मसूड़ों की बीमारी, दिल की बीमारी और BP बढ़ने का खतरा भी रहता है। साथ ही यह इरेक्शन, स्टैमिना और स्पर्म की क्वालिटी पर असर डाल सकता है।
गुटखा छोड़ने के कितने समय बाद सेक्स लाइफ सुधरती है?
कोई तय समय नहीं है। कई पुरुषों को कुछ हफ्तों से कुछ महीनों में इरेक्शन और स्टैमिना में फर्क महसूस होता है। स्पर्म का एक चक्र करीब ढाई से तीन महीने का होता है, इसलिए फर्टिलिटी में सुधार देखने में इतना समय लगता है। सुधार न हो तो डॉक्टर से जांच कराएं।
नामर्दी का घरेलू इलाज क्या है?
गुटखा-तम्बाकू छोड़ना, रोज़ व्यायाम, संतुलित खाना, वज़न कंट्रोल और अच्छी नींद इरेक्शन में मदद करते हैं। पर ये अकेले हमेशा काफी नहीं होते, क्योंकि वजह शुगर, BP या हॉर्मोन भी हो सकती है। सड़क किनारे की दवाओं से बचें और क्वालिफाइड डॉक्टर से सही जांच कराएं।
क्या गुटखा छोड़ने से सेक्स की समस्या ठीक हो सकती है?
कई मामलों में काफी सुधार होता है, खासकर अगर समस्या का मुख्य कारण खून के बहाव में कमी हो। पर अगर साथ में डायबिटीज, थायराइड, BP या तनाव है, तो उनका इलाज भी ज़रूरी है। नतीजे कारण और व्यक्ति पर निर्भर करते हैं, इसलिए डॉक्टर से पूरी जांच कराएं।



